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Jangal Ek Geet Hai

Jangal Ek Geet Hai

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Code-barres: 9789355354990

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À propos de ce produit

"‘‘जंगल एक गीत है’’ का दूसरा संस्करण आपके हाथों में सौंपते हुये मुझे बहुत खुशी हो रही है। पढ़ने-पढ़ाने की लुप्त हो रही परंपरा के बीच किसी पुस्तक की दूसरी आवृत्ति का प्रकाशित होना लेखक के रचनाकर्म की लोक अभिस्वीकृति का एक सुखद परिणाम ही है, मैं इसे इसी रूप में देखता हूँ। जंगल और पर्यावरण से मेरा लगाव आरंभ से ही रहा है। संयोग ही रहा कि मेरी शासकीय सेवा का आरंभ भी वन विभाग के परिक्षेत्र अधिकारी के पद से हुआ। सेवा के दौरान मुझे जंगल और वन्य जीवों के साथ ही वनों के पर्यावरणीय यथार्थ को बहुत करीब से देखने-सुनने और समझने का दुर्लभ सुअवसर मिला, फलतः जंगलों के प्रति मेरी दिलचस्पी बढ़ती गई। और कालांतर में वनों के प्रति मेरे अनुराग तथा वैयक्तिक अनुभवों की रागात्मक अनुभूति ‘‘जंगल एक गीत है’’ शीर्षक से अभिव्यक्त हुई। संग्रह की प्रतियाँ धीरे-धीरे वनप्रेमियों के हाथों में पहुँची और सारी प्रतियाँ समाप्त हो गई। दैव्य योग से इस कृति को भारत सरकार के वन तथा पर्यावरण मंत्रालय द्वारा ‘‘मेदिनी पुरस्कार (2009)’’ से पुरस्कृत किया गया। इस सम्मान के लिये मैं भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ। "

Description fournie par bol.com.

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